देश ये गजब हैं

देश तेरा देश मेरा
देश ये अजब हैं
कांटे झेल हंस रहा
देश ये गजब हैं
खेलों के बहाने यहाँ
लूट चारों ओर हैं
भूख की आवाज़ नहीं
नेताओं का शोर हैं
सीना ताने कोई वहां
मौत आगे खड़ा देखो
ज़मीर बेच कोई यहाँ
दौलत पीछे पड़ा देखो
फूल सब्जियों में रोज़
मिलावट की धूम है
ज़हर बेचकर भी देखो
ये बनता मासूम हैं
टीवी आगे खेल रहे
नन्हे खिलाडी देखो
माटी देख डर रहे
माटी के अनाडी देखो
गद्दी की होड़ में
सबसे आगे चोर हैं
पढ़े लिखे पिस रहे
डंडों का जोर है
लड़ने में व्यस्त यहाँ
सारे मजहब देखो
दुःख देके दुनिया को
ढूंढे यहाँ रब देखो
मिला पाके खुश नहीं
बस पाने की तलब हैं
कांटे झेल हंस रहा
देश ये गजब हैं