काम धंधा छोड़ के हम करने लगे पढाई

बड़े सालों बाद रातों में जगे हैं
बड़े सालों बाद किताबों तले दबे हैं
बड़े सालों बाद पढ़ते पढ़ते नींद आई
काम धंधा छोड़ के हम करने लगे पढाई
टीचर से डांट खाना, बाहर आके ठहाके लगाना
आँखें खोल के सोना, पैसे के लिए रोज़ रोना
टीपा टापी करने में बच्चों सी ख़ुशी पाई
काम धंधा छोड़ के हम करने लगे पढाई
नौकरी क्या है, दूर पानी की चमक जैसे
कल छोड़ी फिर मिलेगी बेवफा सनम जैसे
कैसे भूलें जो मौजें इस चारदीवारी बीच उड़ाई
काम धंधा छोड़ के हम करने लगे पढाई